कुछ सवाल मचलता है मेरे दिल में कभी !
अंशिका 25 साल की एक युवती है, जिसे दोस्त बनाना बहुत पसंद है। उसकी बहुत बड़ी सोशल सर्कल है, वह हमेशा किसी न किसी से घिरी रहती है, और हर सप्ताहांत दोस्तों के साथ समय बिताती है। लेकिन उसे एक अजीब बात महसूस होती है—जब भी वह अकेली होती है, उसेअंशिका 25 साल की एक युवती है, जिसे दोस्त बनाना बहुत पसंद है। उसकी बहुत बड़ी सोशल सर्कल है, वह हमेशा किसी न किसी से घिरी रहती है, और हर सप्ताहांत दोस्तों के साथ समय बिताती है। लेकिन उसे एक अजीब बात महसूस होती है—जब भी वह अकेली होती है, उसे बेचैनी होने लगती है। उसे हमेशा फोन, चैट या किसी न किसी गतिविधि की ज़रूरत महसूस होती है। एक दिन, वह अपनी सहेली वसुधा के साथ कुछ समय बिताती है। उसे महसूस होता है कि वसुधा के साथ रहने पर उसे ज़्यादा बोलने की ज़रूरत नहीं होती, कोई दिखावा नहीं करना पड़ता, और वह सहज महसूस करती है। वसुधा की उपस्थिति इतनी हल्की है कि अंशिका को लगता है कि वह खुद के साथ समय बिता रही है। इसके विपरीत, उसके कुछ और दोस्त ऐसे हैं, जिनके साथ उसे हर समय बात करनी पड़ती है, कुछ नया करना पड़ता है, और कभी-कभी वह खुद को जबरदस्ती खुश दिखाने की कोशिश करती है। अब अंशिका सोच में पड़ जाती है—कौन वास्तव में उसका सच्चा मित्र है? चिंतन के लिए प्रश्न : 1️⃣ क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है कि कुछ लोगों के साथ रहते हुए आप खुद को अकेले और शांत महसूस कर सकते हैं, जबकि कुछ लोगों के साथ रहने पर आपको खुद को ज़बरदस्ती व्यक्त करना पड़ता है? 2️⃣ क्या सच्चे दोस्त वही होते हैं जिनकी उपस्थिति भारी न लगे? 3️⃣
क्या आप अब से अपनी मित्रता की गुणवत्ता को सिर्फ बाहरी मौज-मस्ती से नहीं, बल्कि भीतर की शांति से भी आँकेंगे?
चिंतन के लिए प्रश्न :
1️⃣ क्या आपने कभी ऐसा अनुभव किया है कि कुछ लोगों के साथ रहते हुए आप खुद को अकेले और शांत महसूस कर सकते हैं, जबकि कुछ लोगों के साथ रहने पर आपको खुद को ज़बरदस्ती व्यक्त करना पड़ता है?
2️⃣ क्या सच्चे दोस्त वही होते हैं जिनकी उपस्थिति भारी न लगे?
3️⃣ क्या आप अब से अपनी मित्रता की गुणवत्ता को सिर्फ बाहरी मौज-मस्ती से नहीं, बल्कि भीतर की शांति से भी आँकेंगे?
"A person is a friend, a person is a worthwhile companion, only if in that person’s company you can feel alone, you can feel relaxed and peaceful, only if the person’s company does not make itself felt
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